गुरुवार, 7 जनवरी 2010

मेरी माँ

मेरी प्यारी माँ - जीवन का एक दिव्य रूप जिसके आशीर्वाद से मेरा दिन शुरू होता हैं। हर मोड़ पर, हर कठिनाई में मेरे विश्वास को पोषित करने वाली, मेरे जीवन की संजीवनी हैं मेरी प्यारी माँकितना आसान सा उच्चारण हैं --- माँक्या कभी किसी बछड़े को बोलते देखा हैं, स्पष्ट सुनाई देता हैं यह दिव्य मंत्र --- माँआज तक जितने भी लोगो से मिला हूँ उनमे सबसे ऊपर दिखाई देती हैं माँमैंने माँ में सब रूपों के दर्शन करे हैं ---- एक कुशल गृहणी, इमानदार मेहनती सरकारी कर्मचारी, एक कवियत्री और निर्भीक दुर्गा और सबसे पक्का दोस्त

उनका दिन शुरू होता हैं काम के साथ और ख़तम होता हैं काम के साथसुबह होते ही किचन में जुट जाती हैं पूरे दिन का खाना बनाने में, सब्जी काटने से लेकर आटा मलने तक, रोटी बनाने से लेकर झूटे बर्तनों को धोने तक, हर काम खुद करती हैंकिसी से मदद नहीं मांगती, अगर आप करना चाहते हो तो खुद कर दो, वो कभी भी बोलती नहींसन्डे के दिन वो कपडे भी इस्त्री करती हैंकितनी बार कहा हैं "धोबी के पास भेज दिया करों , आप क्यूँ करते हो।" जवाब मिलता हैं ---- नहींस्वाभिमानी हैं, अपना काम स्वयं करना पसंद करती हैं

जल्दी शादी होने के कारण इंटर तक ही पढ़ पाई थी परन्तु शिक्षा पाने का कोई मौका नहीं छोड़ाशुरू में वो आसपास के छोटे बच्चो को पढ़ाती रही, फिर किसी के कहने पर उन्होंने एक स्कूल में नौकरी करनी शुरू कर दीमन में कहीं स्नातक होने का गम उन्हें सताता रहता थाउस स्कूल में काफी सारे शिक्षक स्नातक थे, एक दिन किसी ने ताना कस दिया --- आप तो स्नातक नहीं हो, सरकारी नौकरी कभी कर ही नहीं सकतेफिर क्या था, उन्होंने ठान लिया कि सरकारी नौकरी पा कर दिखानी कहती हैंमात्र महीने में उन्होंने सरकारी नौकरी की परीक्षाये उतीर्ण कर लीआज उनके हाथ में सरकारी नौकरी थीताना कसने वालो का उन्होंने मुहं बंद कर दियाताना कसने वाले आज भी उसी स्कूल में कलम घसीट रहें हैं

इश्वर में उन्हें बहुत विश्वास हैंहर शिवरात्रि के दिन वो एक मंदिर जाती हैंएक बार मैंने उनसे एक ही मंदिर में जाने का कारण पूछ लिया तो उन्होंने बताया कि इसी मंदिर के सामने से गुजरते हुए उन्होंने इश्वर से स्नेह का वरदान माँगा थाजिंदगी में बहुत दुःख देखे हैं, परन्तु इश्वर में अडिग विश्वास हैंहर मुस्किल के साथ वो विश्वास प्रगाड़ होता चला गया हैं

उनको बचपन से जानने वाले कई लोग बताते थे कि वे पढाई में बहुत होशियार थी इसका एक दिन मुझे प्रमाण भी मिल गया जब मुझे पता लगा कि वे मेडिकल स्कूल में दाखिले की परीक्षा पास कर चुकी थी नानाजी रूडिवादी विचारो के हैं , लडकियो को ज्यादा आगे तक पढने की आज्ञा नहीं दी कभी-कभी मम्मी को देखता हूँ तो सोचता हूँकि वो एक डॉक्टर बन जाती अगर नानाजी ने वक़्त पर सही फैसला लिया होता एक बार नानाजी ने खुद अफ़सोस जाहिर किया था

सरकारी नौकरी में आने के बाद भी उनके अन्दर शिक्षा पाने की इच्छा थी पापा के कहने पर उन्होंने दिल्लीविश्वविद्यालय में दाखिला लिया और स्नातक हो गयी अब कहती हैं कि "मैं इतिहास में ऍम करुँगी"। वो कर भी लेंगी बस थोडा सा समय मिल जाएँनारी शक्ति की मूर्ति हैं वोजो ठाना हैं वो कर के दिखाया हैं

आजकल ऑफिस का काम घर पर लेकर आती हैंउन्हें कंप्यूटर पर काम करने में थोड़ी सी परेशानी होती थीकंप्यूटर का प्रयोग नहीं आता थामैंने थोडा सा सिखाया, बाकि उन्होंने खुद सीख लियावो डरती भी हैंउन्हें अँधेरे से बहुत डर लगता हैंकईं बार उन्हें भुत की कहानिया सुनाकर डरा देता हूँसबसे बढ़िया मौका मिलता जब पापा दिल्ली से बहार जातें हैंउस समय अगर उन्हें डरा दो तो पूरी रात लाइट जला कर सोती हैंसोती हैं, तो बहुत प्यारी लगती हैं, एक दम बच्चे की तरह मासूमउन्हें मेट्रो में स्वचालित सीडी से भी डर लगता हैं, उस पर नहीं जातीकहती हैं, कि चक्कर आतें हैं, पर मैं जानता हूँ कि उन्हें डर लगता हैं।


7 टिप्‍पणियां:

  1. माँ तो माँ ही होती है..बहुत खूब लिखा है.

    कभी उनकी कवितायें छापें, तो और अच्छा लगेगा!

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी माँ के बारे मे जान कर बहुत अच्छा लगा।बस इस प्यार को हमेशा ऐसे ही बनाये रखना। माँ के लिये जितना भी लिखो हमेशा कम ही पड जाता है बहुत बहुत आशीर्वाद तुम्हारी मां को शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  3. समीर लाल जी की उड़न तस्तरी उड़ते हुए मेरे ब्लॉग पर आई और वो भी मेरे हिंदी ब्लॉगिंग का प्रथम दिन, बहुत-बहुत ख़ुशी हुईं| मैं हिंदी ब्लोग्स काफी समय से पढ़ रहा हूँ, बहुत से ब्लॉग पर आपकी उड़न तस्तरी दिखी| नए ब्लोग्गर्स का प्रोत्साहन करने में आपका जवाब नहीं|
    स्नेह और प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्| आपका स्नेह इस अबोध बालक पर निरंतर बरसता रहे| माताजी की कविताये जरुर छापूंगा|

    साभार
    यशवंत मेहता

    उत्तर देंहटाएं
  4. निर्मला कपिला जी
    सादर चरण स्पर्श
    आशीर्वाद के लिए आभार| बहुत अच्छा लग रहा हैं कि ब्लॉग शुरू करते ही बड़ो का स्नेह और आशीर्वाद मिला| बड़ो का आशीर्वाद जिंदगी के हर मोड़ पर रक्षा करता हैं| नन्हे बालक पर आपका स्नेह बरसता रहे यही कामना हैं|

    साभार
    यशवंत मेहता

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी Mother के बारे मे जान कर बहुत अच्छा लगा।बस इस प्यार को हमेशा ऐसे ही बनाये रखना। माँ के लिये जितना भी लिखो हमेशा कम ही पड जाता है |

    Or Dost aap ke Mother ke story mare mother say kafi milte julte hai

    I Love Mother

    उत्तर देंहटाएं
  6. I’ll love my mother all my days,
    For enriching my life in so many ways.
    She set me straight and then set me free,
    And that’s what the word "mother" means to me.

    Thanks for being a wonderful mother, Mom!

    उत्तर देंहटाएं
  7. ---------- What "Mother" Means ----------
    "Mother" is such a simple word,
    But to me there’s meaning seldom heard.
    For everything I am today,
    My mother’s love showed me the way.

    उत्तर देंहटाएं