शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...

कितनी गहरी तेरी आँखें.....
कितनी प्यारी तेरी बातें.....
....बस इनही में डूबा रहूँ मैं......
.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...

कितना सुन्दर तेरा चेहरा......
कितना सुर्ख रंग तेरे गालों का.....
.....बस इनही को देखकर मदहोश होता रहूँ मैं ....
.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...


कितने कोमल पंखुरियों से ये ओंठ हैं तेरे.....
कितनी चंचल तितलियों सी ये मुस्कान हैं तेरी...
......बस इनही को निहारता रहूँ मैं.....
.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...

कितने काले लम्बे घने बाल ये तेरे.....
कितनी मोहक हिरनी सी ये चाल हैं तेरी.....
.....बस इनही को अपने दिल में सवारता रहूँ मैं......
.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...

कितनी खुबसूरत कविता हैं ऊपरवाले की तू......
कितनी मधुर आवाज़ हैं बांसुरीवाले की तू.....
.......बस इन्ही को अपने गीतों में उतारता रहूँ मैं.......
.....शुक्रिया खुदा का.....कि....तू आयी मेरी जिंदगी में.....मेरी जिंदगी में...

©Yashwant Mehta

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