शुक्रवार, 29 जनवरी 2010

......एक नम्बर के कुत्ते अब्बू तुम्हारे....

तुम गुलकन्द हो हमारी.....हम मीठे पान तुम्हारे
.....१२० का तम्बाकू अब्बू तुम्हारे

तुम नदिया हो हमारी.....हम मछ्ली तुम्हारे
.....बेरहम मछुहारे अब्बू तुम्हारे

तुम खबर हो हमारी......हम अखबार तुम्हारे
.....कैचीं छाप एडिटर अब्बू तुम्हारे

तुम गज़ल हो हमारी.....हम सुर तुम्हारे
....बेवकूफ़ फ़नकार अब्बू तुम्हारे

तुम कविता हो हमारी......हम शिल्प तुम्हारे
....कचरा कवि अब्बू तुम्हारे

तुम शहनाई हो हमारी......हम तानपुरा तुम्हारे
....फ़टा हुआ ढोलक अब्बू तुम्हारे

तुम खुशबू हो हमारी.....हम परफ़्युम तुम्हारे
.....पसीने की बदबू अब्बू तुम्हारे

तुम हीरोइन हो हमारी.....हम हीरो तुम्हारे
.....काना विलेन अब्बू तुम्हारे

तुम कार हो हमारी......हम टायर तुम्हारे
....पेन्चर वाली कील अब्बू तुम्हारे

तुम चांदनी हो हमारी.....हम चांद तुम्हारे
...अमावस की काली रात अब्बू तुम्हारे

तुम थाली हो हमारी......हम चमचे तुम्हारे
....बिन पेन्दी का लोटा अब्बू तुम्हारे

तुम सर्च हो हमारी.....हम गूगल तुम्हारे
.....बिगडा हुआ इन्टरनेट अब्बू तुम्हारे

सो..............
तुम सिर्फ़ हो हमारी.....हम सिर्फ़ है तुम्हारे
......एक नम्बर के कुत्ते अब्बू तुम्हारे....

6 टिप्‍पणियां:

  1. हमें तो दिखाई पड रहा है कि उनके अब्बू जूता हाथ में पकडे,किसी को खोजते हुए से इधर को ही चले आ रहे हैं :)

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  2. अब्बू न हुए..आपके सबसे बड़े जानी दुश्मन टाईप हो गये लग रहे हैं. :)

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  3. तुम पोस्ट हो...हम टिप्पणी तुम्हारे

    बेरहम मोडरेटर अब्बू तुम्हारे....

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  4. अरे ऎसे लडाके अब्बू को बदल दो ना, जो हमेशा जु्ता ले कर आप की बेज्जती खराब करे

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  5. देखना .. ये कुछ ज्यादा ही खतरनाक वाले अब्बु लगते हैं हमको जो हर जगह टांग घुसेडॆ जारहे हैं, कहीं आपको मौका ही नही देरहे हैं.:)

    रामराम.

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