शनिवार, 30 जनवरी 2010

पजामा उतर ब्लोगिंग

आखिर यह माजरा क्या हैं?
कुछ ब्लोग्गर एक दुसरे का पजामा उतरने में लगे हुए हैं हिंदी चिट्टाजगत में!!!
"एक" अगर "दो" के पोस्ट पर टिप्पणी करता हैं!!!!
तो अगले दिन "दो" "एक" पर पोस्ट लिख मारता हैं!!!!!

तुने आखिर यह बोला तो कैसे बोला????

अबे तेरी औकात क्या हैं मेरे पोस्ट पर टिप्पणी करने की???

चल बे गधे????

चल बे उल्लू???

अभी तो "मानसिकता" और "औकात" पर ही बोल रहें हैं। कुछ दिनों में प्रचलित अपशब्दों का प्रयोग भी करने लगेगे।

अभी तो पजामा उतार ब्लोगिंग चल रही हैं
कुछ समय ऐसे ही और चला तो बस ब्लोगिंग पर ही ब्लोगिंग होगी।

अर्थात चड्डी उतार ब्लोगिंग........

10 टिप्‍पणियां:

  1. कुछ समय ऐसे ही और चला तो बस ब्लोगिंग पर ही ब्लोगिंग होगी।

    अर्थात चड्डी उतार ब्लोगिंग........


    हालात अगर ऎसे ही रहे तो वो दिन भी कोई ज्यादा दूर नहीं है :)

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  2. अपना काम इत्मिनान और शांति से करते रहो. काहे ज्यादा इधर उधर से परेशान हो रहे हो.

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  3. नाक की सीध में चलने का.
    बस्स्स्स

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  4. अपना काम करते रहो, बाकी तो दुनिया है तरह तरह के लोग हैं।

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  5. दुनिया में सब एक जैसे नही हैं...कुछ बढ़िया है और कुछ खराब भी बस हमें अपने तरीके से रहना है बाकी तो सब कुछ आइए ही चलते रहेगा..

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