रविवार, 31 जनवरी 2010

गाँधी बापू इतना बता दो......

बापू जी
राम राम

कल आपकी पुण्यतिथि थी। सबने आपको बहुत याद करा। मैंने भी करा।
मेरा मन कह रहा था आपसे कुछ पुछु।

बस इतना ही पूछना था।

क्या हमने आपको और आपके आदर्शो , सपनो को सिर्फ एक तस्वीर बना कर दीवार पर नहीं टांग दिया???

इस हम में सब आते हैं।


गाँधी जी का उत्तर

देश में मेरे जितने भी बुत लगे हैं तोड़ दो...जितने दफ्तरों-स्कूलों में मेरे चित्र लगे हैं, उतार दो...अगर मुझे वास्तव में कहीं रखना है तो अपने दिल में रखो...

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