गुरुवार, 14 जनवरी 2010

अरे अरे देखो तो सही कौन हैं यह --- अपने उड़न तस्तरी जी

हिंदी ब्लॉग जगत में किसी भी ब्लॉग पर जाइये, वहां पर एक सावली सूरत नजर आती हैं , काला चश्मा लगाये।

वो हैं कौन? वो हैं कौन?

अजी सबके प्यारे, हिंदी जगत के धुरंधर और चोटी के टिप्पणीकार ---- श्री समीर लाल "समीर", उड़न तश्तरी वाले।

कल मैंने सोचा कि गूगल पर तो समीर जी का ब्लॉग सिर्फ "उड़न" लिखते ही मिल जाता हैं। क्या वो पर Youtube मिलेंगे? फिर मैंने वहां पर सर्च किया। पहली ही बार में मिल गए समीर जी। मजा आ गया समीर जी को वीडियो में देखकर।

देखिये समीर लाल जी को जब "ताली" पर एक बेहतरीन हास्य कविता सुना रहे हैं


समीर जी की उड़न तश्तरी पकड़ ली हमने भी। हालाँकि स्थान बहुत नीचे होगा उनको उड़न तश्तरी पकड़ने में ।

चिट्टाजगत की हर मेल के साथ उनका सन्देश नजर आता हैं। समीर जी मान गए आपको, हिंदी ब्लॉग जगत के प्रचार में आपका योगदान स्वर्णिम हैं।
आप हिंदी में लिखते हैं। अच्छा लगता है। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं, इस निवेदन के साथ कि नए लोगों को जोड़ें, पुरानों को प्रोत्साहित करें - यही हिंदी चिट्ठाजगत की सच्ची सेवा है। एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।





3 टिप्‍पणियां:

  1. आभार इस खोज का...:) स्नेह बनाये रखिये.

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  2. मैं तो नहीं देख सकी .. कुछ समस्‍या है !!

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  3. अच्छा ! हमें तो पता ही नहीं भाई। हम तो किसी एलियन को समझते थे उड़नतश्तरी जी। ये तो इण्डियन निकले यार !

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