शनिवार, 23 जनवरी 2010

ब्लोगिंग के बिना मन नहीं मान रहा था

कुछ दिन पहले ब्लॉग्गिंग शुरू करी। अच्छा लगा। बहुत कुछ पढने को मिल रहा हैं। जीवन के सारे रंग नजर आ रहे हैं इस ब्लॉग्गिंग की दुनिया में भी। ४ दिन से इंद्रजाल महाराज हमसे खफा थे। चल ही नहीं रहे थे। खूब फ़ोन करे। सिस्टम को फॉर्मेट भी करना पढ़ गया। इन सबके बीच ब्लॉग पर नहीं आ पाया और ब्लॉग्गिंग बुखार भी बढ़ गया। अब इंद्रजाल महाराज थोड़े सही सही चल रहे हैं। बाकि इनके मूड का तो भरोसा नहीं।

भाई सब लोग कैसे हैं?

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाये पहले ही दे देता हूँ , कहीं इंद्रजाल महाराज फिर ख़राब मूड में आ गए तो वो भी नहीं देने देंगे।

महाराज कृपा बनाये रखो।

3 टिप्‍पणियां:

  1. "गणतंत्र दिवस की शुभकामनाये पहले ही दे देता हूँ , कहीं इंद्रजाल महाराज फिर ख़राब मूड में आ गए तो वो भी नहीं देने देंगे।"

    ha-ha, कहीं ठण्ड और महंगाई की मार से ये भी सिकुड़ गए तो२६ जनवरी भी कोरी ही मानेगी :)

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  2. "गणतंत्र दिवस की शुभकामनाये

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  3. हम्म्म ब्लागिंग बुखार.
    सही बात है स्मैकिये का सा नशा है ये भी.

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