मंगलवार, 9 फ़रवरी 2010

आपकी पोस्ट आपके ब्लॉग पर, हमारी टिप्पणी हमारे ब्लॉग पर ....(यशवंत मेहता)...

अब यह प्रयोग ब्लॉगजगत की प्रयोगशाला में, इस प्रयोग का विचार दिया अविनाश वाचस्पति जी ने , तो हमने सोचा करके देखते हैं अगर यह सबको पसंद आया तो एक ब्लॉग बनायेंगे और वहां ऐसे पोस्टें चिपकायेंगे। प्रयोग का उद्देश्य सिर्फ निर्मल हास्य हैं।

लीजिये प्रयोग हाज़िर हैं

बीमार कर सकती है टिप्पणी--सावधान हो जाएं


हमारी टिप्पणी ---- बिलकुल सावधान, आप बीमार ना हो इसलिए टिप्पणी यहाँ कर दी हैं, थोडा चल कर आप यहाँ आयेंगे तो दो चार हिट हमारे ब्लॉग को भी मिलेंगे


राहुल गाँधी को धक्का किसने मारा ??



हमारी टिप्पणी --- अरे काली कमली वाले बाबा समीरानंद के सर की कसम, हमने बिलकुल नहीं मारा, सरकार से
आग्रह हैं की इस सन्दर्भ में कमिटी बिठाई जाये


आप टीप के निकल जाते हैं, हम उसे यहां टिकाते हैं


हमारी टिप्पणी --- हा हा हा, आपने सबकी टिप्पणी टिकाते हैं, हम आपकी पोस्ट पर यहाँ टिपियाते हैं


पैसे की मैं बारिश कर दूँ गर तू हो जाये मेरी


हमारी टिप्पणी --- हमें तो बिलकुल नहीं लगा शीर्षक से कि आप सठिया गए हैंआप श्रीमती जी को ब्लॉग पर बुढिया कहते हैं हम अभी शिकायत करते हैं आपकी


हमने ली ब्लागिंग से छुट्टी!!! - (ललित शर्मा)


हमारी टिप्पणी --- अजी जब घर वाले पिलाते हैं डांट कि घुट्टी, तो लेनी ही पड़ती हैं ब्लोगिंग से छुट्टी, सब पलके बिछाये आपका इंतजार करेंगे........जल्दी से लौट के आईएगा

महफूज और समीर भाई से हो गई फोन पर मुलाकात अजय कुमार झा से चैटिंग पर हो गई बात


हमारी टिप्पणी --- अजय झा जी से तो हम भी बतिया लिए वो भी फेस तो फेस, महफूज़ भाई आये ही नहीं दिल्ली ब्लोगर्स मीट में, उनकी आजादी छिनने का षड्यंत्र रचा जा रहा हैं और जहाँ तक समीर बाबु की बात हैं कभी हमार मन किया तो हम ही फ़ोन खडकाए देंगे, आजकल बहुत बिजी हैं हम

मुन्ना भाई दिल्ली सम्मेलन से बैरंग लौट के आगयेला है!

हमारी टिप्पणी -- अरे कहे चिंता करते हैं, होली पर एक मिलन करवाते हैं , तब रंग से सरोबार कर भेजा तो हम भी पक्के दिल्ली वाले नहीं.......समझे का......


हास्य कवि अलबेला खत्री सूरत में विद्यार्थियों के साथ...वेलंटाइन डे और लाल गुलाब की चर्चा करते हुए

हमारी टिप्पणी ---- वाह जी वाह , क्या गुलाब चर्चा किये कि कुर्सी टेबल सब हिलवा दिया अलबेला जी, एक ठो ऐसे कविता रच दीजिये कि निक्कमे नेताओं की कुर्सी हिल जाये और थोडा काम हो जाये आम जनता के लिए...


एक का शतक और करोड़ों कि हार !


हमारी टिप्पणी --- हारने वाली टीम को नमस्कार

अभी के लिए बस इतना ही, यह पढ़िए और बताइए की प्रयोग का कुछ असर हुआ आप पर, ज्यादा से ज्यादा शब्दों में बताने वाले की पोस्ट अगले अंक में सबसे ऊपर रखी जाएगी और सबसे लम्बी टिप्पणी भी उसकी को मिलेगी....चाहिए हमारी टिप्पणी.....

12 टिप्‍पणियां:

  1. भाई.....फ़ौरन अपना मेल आई.डी. और फोन नंबर मेल करें.......


    @

    mailtomahfooz@gmail.com

    पर ........

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  2. अपना मेल आई डी मेरी मेल पर भी भेजिएगा avinashvachaspati@gmail.com.
    लोग हंसते हंसते हंसने लगे हैं
    जमाने वाले दिल में बसने लगे हैं

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  3. अरे, इतना व्यस्त हो तो हमें फोन नम्बर दे दो..हम लगा लेंगे. :)

    यह भी मस्त प्रयोग है.

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  4. यशवंत ये भी बढिया आईडिया है भाई , एकदम मस्त ठीक है लगे रहो
    अजय कुमार झा

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  5. रोचक प्रयोग! मजा आ गया पढ़कर!

    "आप श्रीमती जी को ब्लॉग पर बुढिया कहते हैं हम अभी शिकायत करते हैं आपकी ..."

    मुझसे आपकी ऐसी क्या दुश्मनी है भाई?

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