बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

होली पर पागल हुए बिल्लू ------- (यशवन्त मेहता)

बिल्लू कहे इस बार तो होली जम के खेलेंगे
गुजिया दही भल्ले मालपुआ जम के पेलेंगे
गोरी के गली के लगायेगे चक्कर
मुह पे रंग पोत कर लेंगे उसके बाप से टक्कर
गुब्बारों से करेंगे सब पर वार 
जो चिडेगा उसे करेंगे रगों से सरोबार


नो शर्म नो लाज
बिल्लू रंग ऐसा पोतो दुश्मन को हो दस दिन तक खाज
नोथिंग सीरियस ओनली बकवास
फॉर बिल्लू होली इस वैरी वैरी खास


आज न बचेगी पडोसन , न बचेगें भैया-भोजाई
बिल्लू खाए बेलन या सोता पर खूब करेंगे रंगाई पुताई
जिसको सिर्फ देखते हो, करेंगे उसके कोमल गालो को लाल
आज ही का दिन हैं बिल्लू, कर दो बकरे सारे हलाल


बिल्लू बेशरम हो कही भी घुस जाना
भांग खाने का मन हो तो बस सारा रा सारा रा चिल्लाना
भांग के नशे में गलियां में डोलना बिल्लू
फिर सब कहेंगे होली पर पागल हुए बिल्लू

3 टिप्‍पणियां:

  1. waaah kyaa baat hai magar sabhal kar bhai billu
    hahahahhah
    hahahahhaha
    maja aa gaya
    saadar
    praveen pathik
    9971969084

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  2. बस एक ही दिन छुट है बिल्लु भाई
    खुब पोतो रंग प्रेमि्का हो या भौजाई
    समझना गर कोई बुरा मान गया तो
    सिर मुंडाते ही ओलो की बरसात आई

    जय हो बिल्लु बादशाह

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