शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2010

...लो भैया खाओ मीठे समोसे ग्वायर हॉल(दिल्ली विश्वविद्यालय) के....

ग्वायर हॉल दिल्ली विश्वविद्यालय का सबसे पुराना हॉस्टल हैंयह हॉस्टल छात्रों के लिए हैंस्नाकोतर, पीएचडी करने वाले छात्र यहाँ रहते हैंग्वायर हॉल के पीछे एक कैंटीन हैंकैंटीन एक कमरे में चलती हैं और अन्दर-बाहर बैठने की अच्छी व्यवस्था हैंलोहे और पत्थर के बेंच लगे हुए हैं
कैंटीन के खाने में विविधता हैंमैं २००५ में यहाँ पहली बार गया थाउसके बाद से कितने चक्कर लगाये पता नहींकैंटीन में मुख्य रूप से मिलने वाले व्यंजन हैं --- समोसा, कचोडी, दही भल्ला, अंडे और आलू के परांठे, आमलेट, मेग्गी, आलू बोंडा तथा अन्य
आलू और अंडे के परांठो के साथ मिलेगा आपको बढ़िया अचार और हरी चटनीकभी-कभी डिपार्टमेंट से फ्री होने के बाद जब हम परांठे खाने के लिए कैंटीन जाते थे तो परांठे ख़तम हो चुके होते थेएक तरफ भूख और दूसरी तरफ डिपार्टमेंट से चलकर ग्वायर हॉल तक आनाऐसे में अगर परांठे मिले तो दिमाग ख़राब हो जाता थाउस समय मेग्गी, समोसे खाकर गुजरा करना पड़ता था
कैंटीन में चाय बहुत बनती हैंचाय वाला कई बार चाय हाथ में लेकर घूमता रहता हैंआप चाय उठा लीजिये वो आपसे रूपये-पैसे की बात नहीं करेगाअरे भाई सारे अपने ही लोग तो होते हैंकैंटीन के बाहर बेंचो पर छात्रों के बीच बातचीत चलती रहती हैंकभी राजनीति और देश से सम्बंधित मुद्दे उठते हैं तो कभी विश्वविद्यालय से सम्बंधित मुद्दों पर बातचीत होती हैंकोई अपने घर की सुनाता हैं तो कोई अपने दिल कीकहीं किसी एक बन्दे को सारे मिलकर छेड़ रहे होते हैं तो कहीं सब मिलकर एक बन्दे की बातें ध्यान से सुन रहे होतें हैंमैं कभी इस बातचीत में हिस्सा लिया करता था तो कभी दूर से सिर्फ सुना करता थाज्ञान के सागर भी बहते मिले और हँसाने वाले चैनल भीइन्ही किस्सों और वार्तालाप में समय कब बीतता था पता नहीं चलता था

मुझे ग्वायर हॉल इसलिए पसंद हैं क्यूंकि यह विश्वविद्यालय की कोलाहल से मुझे बचाता हैंअगर कभी शांति से दो पल बिताने हो और भूख भी लगी हो तो यह कैंटीन बहुत ही बढ़िया जगह हैंचाय की चुस्कियो के साथ जो शांति मेरे अन्दर घुलती थी वो एक आत्मिक आनंद देती थीजब आप किसी भी जगह बार-बार जाते हैं तो उस जगह से आपका एक आत्मिक सम्बन्ध स्थापित हो जाता हैं

एक और कारण था मेरा इस जगह बार-बार आने का, वो था यहाँ मिलने वाली मिठाईयांबेसन के लड्डू, मीठे टोस्ट और सबसे ज्यादा पसंद हैं मुझे मीठा समोसाऊपर वाले की इतनी दया रही कि कभी मीठे समोसे के लिए आने पर वापस मुड़ना पड़ामीठे समोसे को इस कैंटीन की खासियत के तौर पर भी जाना जाता हैंअखबारों में भी इस मीठे समोसे की रिपोर्ट्स छापी हैंकैंटीन के एक कोने में वे रिपोर्ट्स आपको देखने को मिल जाएँगी


3 टिप्‍पणियां:

  1. ग्वायर हॉल की केन्टीन का अच्छा विवरण दिया.

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  2. ह्म्म्म मुह में पानी ला दिया आपने... अच्छा विवरण..
    जय हिंद....

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  3. बढिया विवरण .. ललचा दिया आपने !!

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