रविवार, 28 फ़रवरी 2010

मेरी माँ..... मेरी प्रेरणा....मेरी आधारशिला..

माँ शब्द से इस जीवन की शरूआत होती हैं! माँ ही जीवन हैं. माँ को यह कविता समर्पित हैं


मेरी माँ


मेरी माँ.....
मेरी प्रेरणा....मेरी आधारशिला....मेरी तपस्या
मेरी जननी....मेरी माँ


मेरी माँ...
मेरी सोच...मेरी कहानी....मेरी विचारशक्ति....
मेरी जननी....मेरी माँ


मेरी माँ....
मेरी भक्ति....मेरी शक्ति....मेरी प्रथम गुरु...
मेरी जननी....मेरी माँ....




मेरी माँ....
मेरी तारिणी.....मेरी दुख्हरिणी.....मेरी धेर्यशक्ति....
मेरी जननी...मेरी माँ....


मेरी माँ....
मेरी पहचान....मेरी मुस्कान.....मेरी धड़कन....
मेरी जननी....मेरी माँ...


मेरी माँ...
मेरी जिंदगी....मेरी तलाश....मेरी साँस....
मेरी जननी....मेरी माँ...


मेरी माँ....
मेरी जमीं....मेरी उचाई....मेरी कार्यशक्ति....
मेरी जननी.....मेरी माँ....


मेरी माँ....
मेरी कोशिश....मेरी अंतरात्मा.....मेरी सफलता...
मेरी जननी....मेरी माँ..




मेरी माँ
माँ को शत् शत् नमन
उसके चरणों में यह जीवन अर्पण...

9 टिप्‍पणियां:

  1. यशवंत भाई आपकी ये कविता दिल को छु गयी , सच में लाजवाब । होली के पावन अवसर पर बहुत ही बढ़िया कविता लगी , आपको होली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं ।

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  2. माँ एक शब्द नहीं
    एहसास है
    एक अटूट रिश्ता;
    एक विश्वास है

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  3. कल 20/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  4. माँ को समर्पित सुन्दर रचना....

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