सोमवार, 8 मार्च 2010

महिला दिवस पर.....माँ तुझे सलाम

आज महिला दिवस हैं. लोकसभा और विधान सभा में  महिलाओ को ३३ प्रतिशत आरक्षण मिल जायेगा. माँ इस अवसर पर मैंने सोचा क्यों न तुम्हे सलाम कह लू. आखिर तुम जननी जो हो मेरी. ९ १/२ महीने अपने गर्भ में मुझको पनाह दी और फिर सिजेरियन ऑपरेशन का दर्द झेला. तेरे उपकार का ऋण कैसे उतारू??? सबने बताया कि ऑपरेशन के समय हम दोनों की जान खतरे में थी पर तू चाहती थी कि मैं इस दुनिया में आ जाऊ, मैं जी जाऊ. नाना जी भी डॉक्टर को बोल चुके थे कि बच्चे को बचा लेना नहीं तो मैं दामाद को क्या मुहँ दिखाऊंगा. मेरे कारण तुझे कितना कुछ झेलना पड़ा. तेरी ममता के आगे प्रकृति भी झुक गयी. तू जीत गयी माँ.

आज भी याद हैं कि तुम रात को २-३ बजे तक पढ़ा करती थी. तुमने अपनी पढाई भी पूरी करी और गृहलक्ष्मी के सारे कर्तव्य भी. तुम तो खुद ही साक्षात् लक्ष्मी हो. एक भारतीय नारी जिसे मैंने अपने पति के साथ कंधे से कन्धा मिलकर चलते देखा हैं. एक वीरांगना जिसने जीवन के हर संघर्ष को जीता हैं. तुम प्रेरणा का स्रोत हो आने वाली पीढियों के लिए.

यह मेरा सौभाग्य था कि तुमने ही मुझे पहला अक्षर लिखना सिखाया. Huge को मैं "हग"  बोला करता था सही उच्चारण तुमने ही बताया. "तथा" को "कथा" पढने वाले को तुमने "तथा" पढना सिखाया. वो बाटा के सेंडल या लिबर्टी के जूते तुम्ही मेरे पांव में डालती थी. मैं तुम्हारे सर पर हाथ रखकर खड़ा होता था और मुस्कुराता था. फिर तुम धीरे से मेरे गालों पर काट लेती थी.छुवारे खा-खा कर मैंने जीब पर छाले करवा लिए तो तुमने मेरे जीब पर गिलिस्रिन लगाया.

दूध से मुझे सख्त नफरत थी. तुमने होर्लिक्स से लेकर बोर्नविटा सब लाकर देख लिया पर मैंने दूध से नफरत करना नहीं छोड़ा. तुमने मेरे लिए दक्षिण के व्यंजन बनाने सीखे और मुझे चटोरा बना दिया. तुम खुद मांस नहीं खाती पर मुझे मछली बनाकर खिलाई. बहुत सारे पल हैं जो मेरे मन में जीवन भर के लिए बस गए हैं. अभी तो तुम्हारे हाथों की बनाई मावे की गुजिया खा रहा हूँ.

इस महिला दिवस पर माँ तुझे सलाम

7 टिप्‍पणियां:

  1. मुंशी प्रेमचंद ने कहा है,

    जिस पुरुष मे नारी के गुण आ जाते हैं वो खुद महान हो जाता है...

    जय हिंद...

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  2. तीन दिन से छुट्टी पर थी देखा न आज आ गयी सलाम लेने? हा हा हा बहुत अच्छी पोस्ट है आशीर्वाद्

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  3. जय हो माता जी की,अच्छी अभिव्यक्ति .

    विकास पाण्डेय
    www.विचारो का दर्पण.blogspot.com

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  4. माँ की ममता के लिए बहुत बढ़िया उदगार व्यक्त किये हैं यशवंत ! माँ की ममता की बड़ी प्यारी यादें मिली हैं तुम्हे , बहुत किस्मत वाले हो , शुभकामनायें !

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